Kalam Ki Sugandh

कलम की सुगंध एक साहित्यिक मंच है जहाँ साहित्य जगत के जानकर और नवांकुर रचनाकार अपनी कलम की सुगंध बिखेरते हैं। अलग अलग छंदों के विषय में जानकारी देकर उन्हें सृजन के लिए प्रेरित किया जाता है।  जिसके फल स्वरुप हिन्दी साहित्य की ख़त्म हो रही अनेक विधाओं को पुनः नवजीवन देने में यह मंच सफल रहा है। इस मंच का उद्देश्य हिन्दी साहित्य को बढ़ावा देना है।

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Thursday, 16 January 2020

कुण्डलियाँ छंद...दुनिया, तपती

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[16/01 5:46 PM] भावना शिवहरे: दुनिया दुनिया दिखती वही है, देखत वन विचार!  रहिये आप ही, बनें वही सुविचार!! बने वही सुविचार, द...
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